**Baaghi 4 Movie Review**
ए हर्षा के निर्देशन में बनी फिल्म बागी 4 जो सिनेमाघरों 4 सितम्बर में रिलीज़ हुई थी।जो 2025 की एक बेस्ट एक्शन थ्रिलर मूवी है जिसमे टाइगर श्रॉफ, संजय दत्त, हरनाज संधू और सोनम बाजवा ने एक्शन थ्रिलर मूवी में मुख्य भूमिका निभाई है अगर आप भी फिल्म देखने का सोच रहे हैं तो पहले आपको रिव्यु पढ़ लेना चाहिए। जिस किसी को मूवी डाउनलोड करना है तो वो नीचे दिए हुए लिंक baaghi 4 movie download पर क्लिक करे 2 – 3 सेकंड बाद मूवी डाउनलोड होने लगेगी ,

साल 2016 में पहली मूवी बागी का सफ़र सुरु हुआ था इसके बाद बागी २ इसका क्रेज इतना बड़ा कि और बागी ३ भी रिलीज़ हुई लेकिन अब इसका सफ़र बागी 4 (Baaghi 4) तक पहुंच गया है। टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) ही अब तक अपने कंधों पर इस फ्रेंचाइजी को लेकर चल रहे हैं, जो किसी भी अभिनेता के लिए बड़ी बात है, क्योंकि फ्रेंचाइजी में भी कलाकार बदल जाते हैं।
अतीत-वर्तमान के बीच जूझती बागी 4 की कहानी
फिल्म की कहानी शुरू होती है। टाइगर श्रॉफ उर्फ़ रॉनी से, रौनी कोमा में कई महीने रहने के बाद जब रौनी को होश आता है।उसे बस आलिशा कि याद सताने लगती है। रौनी के भाई जीतू (श्रेयस तलपड़े) का कहना है कि ऐसी कोई लड़की है ही नहीं। वह बस उसकी कल्पनाओ में है जैसे कहानी का किरदार आगे बढ़ता जाता है पता चलता है कि वास्तव में आलिशा थी लेकिन वह अब चाको (संजय दत्त) के कब्जे में है चाको ने उसे कैद क्यों किया है

फिल्म के कहानी निर्माता साजिद नाडियाडवाला जी है। निर्देशन की जिम्मेदारी कन्नड़ फिल्मों के निर्देशक ए हर्षा को मिली। यही कारण है कि फिल्म जरूरत से ज्यादा लाउड है। जब टाइगर और संजय एक-दूसरे से लड़ते हैं तो चिल्लाकर एक-दूसरे की ओर दौड़ते हैं जो दक्षिण भारतीय फिल्मों के एक्शन का स्टाइल है।
Baaghi 4 की कहानी
बागी यानी विद्रोही लेकिन फिल्म में टाइगर और संजय का पात्र बागी नहीं बल्कि ये दोनों दिलजले आशिक लग रहे है। ये दोनों अपने प्यार के लिए लड़ते हैं, लेकिन वह प्यार इतना गहरा कब हुआ कि उनको खुद भी नहीं पता चला रौनी के तो कुछ प्यार भरे सीन हैं भी, लेकिन चाको को अवंतिका (हरनाज संधू जो डबल रोल में है) से इतना प्यार कब हो गया कि वो मरने मारने पर उतर आया समझ नहीं आता।
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बागी 4 में एनिमल और पठान की झलक
इस फिल्म के कुछ एक्शन सीन ऐसे लगते है जैसे टाइगर मूवी में सलमान खान अकेले सौ लोगों को कुल्हाड़ी से मार गिराते हैं या फिर अंत में संजय-टाइगर के बीच का फाइट सीन हो, जिसमें टाइगर अपनी शर्ट फाड़कर बॉडी दिखाते हैं। फिल्मकार अक्सर कहते हैं कि एक्शन बिना इमोशन किसी काम का नहीं होता है, यह बात फिल्म में महसूस होती है।

इस फिल्म में पुलिस के होने का कोई लॉजिक नहीं है। फिल्म की खास बात है, उसका प्रोडक्शन वैल्यू, जो बड़ा है। सीन से लेकर गानों पर किया गया बड़ा खर्च पर्दे पर दिखता है। रजत अरोड़ा के लिखे संवाद दमदार हैं। फिल्म का गाना गुजारा… थिएटर से निकलने के बाद भी याद रह जाता है। वही ये मेरा हुस्न गाना पठान के हमें तो लूट लिया… की नकल लगता है।
टाइगर श्रॉफ और हरनाज ने किया कमाल
मार्शल एक्टर टाइगर श्राफ एक्शन सीन में हमेशा की तरह दमदार रहे हैं। अपनी आवाज को भारी करके वह भावुक सीन भी कर जाते हैं। हरनाज कौर संधू (Harnaaz Kaur Sandhu) को पहली ही फिल्म में अभिनय के कई रंग दिखाने के मौका मिला है। हरनाज कौर संधू जिन्होंने 2021 में मिस यूनिवर्स का ख़िताब अपने नाम किया, गर्व की बात यह है कि यह भारत से है,